पानी तेरे सौ रंग
रहता हमेशा हमारे अंग-संग
इसके बिना नींद न खुले
ये जो साथ हो तो होली के पावन
अवसर पर सबके एक-दुजे से दिल मिले
बेगैर इसके जीवन पल भर भी ना चले,
पानी से ही हमें स्वच्छ वातावरण मिले
और पेड़-पौधे रहते है हरे भरे
चारों तरफ बागों मे फल-फूल खिले,,
ए-पानी तेरा कभी इंसान से
कर्ज न उतरे,,
~कुलदीप सभ्रवाल
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